स्वतंत्र भारत की राजनीति, राजनीतिक कार्यक्रम व गतिविधियां कैसी हो इस बारे में जितना चिंतन और उसका क्रियान्वयन होना था,कमोवेश वह नहीं हो पाया। छह दशक से ज्यादा लगातार कांग्रेस सत्ता में बने रहने के कारण राजनीति का भी कांग्रेसीकरण हो गया। जैसी कांग्रेस होती गई वैसे ही राजनीति की चाल ढाल बनती गई ।
राजनीति में होने के मायने कांग्रेस जैसा होना हो गया । अगर आप सत्ता में हैं तो कांग्रेस नेता जैसा आपका रसूख सरकारी दफ्तरों में होना चाहिए। आपने जो चाहा वैसा निर्णय होना चाहिए। चलना-फिरना,कुर्ता पजामा, गमछा और अब तो गाड़ी,मोबाइल,चश्मा सब कुछ मापदण्ड बन गए। उदाहरण बन गए। गाड़ी बंगला आपकी नौकरी व्यवसाय के आधार पर नहीं राजनीति में पद के आधार पर तौले जाने लगे।
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